तापमान लाइव

ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

बड़ा खुलासा : यह रहस्य है हर्ष राज की हत्या का !

शेयर करें:

विष्णुकांत मिश्र
01 जून 2024
Patna : पटना पुलिस का प्रारंभिक अनुसंधान कहता है कि पटना विश्वविद्यालय (Patna University) के प्रतिभाशाली छात्र हर्ष राज (Harsh Raj) की हत्या डांडिया नाइट के विवाद में हुई. पटना पूर्व के नगर पुलिस अधीक्षक भरत सोनी (Bharat Soni) भी इसकी तस्दीक करते हैं.16 अक्तूबर 2023 को पटना के मिलर स्कूल (miller school) मैदान में डांडिया नाइट आयोजित हुआ था. हर्ष राज और उसकी टीम के लोग उसके आयोजक थे. दबंगई के बल पर प्रवेश पाने की कोशिश में आदित्य राज उर्फ चंदन यादव (Aditya Raj alias Chandan Yadav) और विश्वविद्यालय के अन्य कुछ मनबढ़ू छात्रों की सुरक्षा कर्मियों से झड़प हो गयी थी. संभवतः कुछ गलत हरकतें भी हुई थीं. इसको लेकर एक-दो छात्रों की पिटाई कर दी गयी थी.

उठ रही हैं कई तरह की बातें

पुलिस का कहना है कि उसी खुन्नस में साजिश रचकर 27 मई 2024 को हर्ष राज की निर्मम हत्या कर दी गयी. हो सकता है पुलिस के अनुसंधान की दिशा सही हो. पर, आठ माह बाद खुन्नस को खूनी शक्ल देने को लेकर कई तरह की बातें उठ रही हैं. आमलोगों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि जब उसी वजह से हर्ष राज की हत्या हुई तो इसे पहले भी कभी अंजाम दिया जा सकता था. विश्वविद्यालय परिसर में नहीं तो और कहीं. हत्यारोपित शातिर अपराधी है तो आनंदपुरी (Anandpuri) में भी खून बहा सकता था जहां हर्ष राज किराये के मकान में रहता था. ऐसा वह कर सकता था, लेकिन नहीं किया.

खौफ भी पसारना था

इसलिए नहीं किया कि मकसद सिर्फ हर्ष राज को मौत की नींद सुलाना नहीं, उस मौत से पटना विश्वविद्यालय के उस तबके में खौफ भी पसारना था जो उसकी रहनुमाई को उभार दे रहा था. ऐसा विश्वविद्यालय परिसर में हत्या होने से ही होता. नगर पुलिस अधीक्षक भरत सोनी ने कहा भी कि डांडिया नाइट (Dandiya Night) के बाद हर्ष राज कभी पटना विश्वविद्यालय की तरफ नहीं गया था. कहने का तात्पर्य यह कि कभी उस ओर गया होता तो उसी दरमियान उसकी हत्या हो जाती.

आया था ऐसा बयान

पटना विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति की गहन जानकारी रखने वालों की मानें, तो डांडिया नाइट विवाद महज बहाना है, हर्ष राज की हत्या का मूल कारण विश्वविद्यालय में दीर्घकाल से चल रही जातीय वर्चस्व की जंग को विस्तार देना है. यह ऐसा जंग है जिसमें वक्त के हिसाब से लड़ाके बदल जाते हैं, पर मुद्दा स्थायी रूप से बना रहता है. बताया जाता है कि डांडिया नाइट के आसपास हर्ष राज का एक बयान आया था. उसमें कहा गया था कि पटना विश्वविद्यालय में पचास वर्षों तक भूमिहारों का वर्चस्व बना रहेगा.

राजनीतिक मायने भी हैं

कहते हैं कि अपनी कर्मठता और व्यवहार कुशलता से उसने विश्वविद्यालय में पांव जमा लिया था. छात्रों के बीच प्रभाव का विस्तार भी हो रहा था. जाति की राजनीति करने वालों को यह पच नहीं पाया. काम तमाम करा दिया गया. मामले में बस इतना ही कुछ नहीं है. संसदीय चुनाव के अंतिम चरण में भूमिहार समाज के उभरते छात्र नेता की हत्या के कुछ राजनीतिक मायने भी हैं जिसका खुलासा यहां किया जा रहा है. लेकिन, पहले हर्ष राज और ह़त्यारोपित आदित्य राज उर्फ चंदन यादव के बारे में जानते हैं.

शांभवी का मुंहबोला भाई

22 साल की उम्र में ही ‘समाज सेवक’ की पहचान पा गये हर्ष राज चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव (Vikas Vaibhav) के ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ से जुड़ा था. वैसे, ‘लोकनायक युवा परिषद’ (Loknayak Youth Council) के नाम से उसका अपना भी एक संगठन था. उसके माध्यम से भी समाज हित में काम कर रहा था. ऐसा कहा जाता है कि ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी (Ashok Chaudhary) से उसका गहरा जुड़ाव था. अशोक चौधरी की पुत्री शांभवी चौधरी (Shambhavi Chaudhary) उसे मुंहबोला भाई मानती थी. इस कारण शांभवी चौधरी के पति सायन कुणाल (Sayan Kunal) और उनके पिता आचार्य किशोर कुणाल (Acharya Kishore Kunal) से भी नजदीकी हो गयी थी. समस्तीपुर (Samastipur) संसदीय क्षेत्र में शांभवी चौधरी के चुनाव अभियान की कमान मुख्य रूप से जिन दो-चार लोगों ने संभाल रखी थी उनमें एक वह भी था.

पत्रकार का बेटा था हर्ष राज

हर्ष राज वैशाली (Vaishali) जिले के लालगंज (Lalganj) थाना क्षेत्र के मंझौली (Manjauli) गांव का रहने वाला था. यह गांव बेलसर ओपी क्षेत्र में है. पत्रकार अजीत कुमार (Ajit Kumar) का इकलौता पुत्र था. अजीत कुमार को एक बेटी भी है रोजी. इंटर में पढ़ती है. लालगंज से इंटरमीडिएट करने के बाद हर्ष राज पटना के बी एन कालेज में इंगलिश आनर्स की पढ़ाई कर रहा था. 27 मई 2024 को अंतिम वर्ष की अंतिम परीक्षा देकर पटना विधि महाविद्यालय (Patna Law College) के परीक्षा भवन से निकला ही था कि दस – बारह की संख्या में आतताइयों ने बड़ी बेरहमी से उसकी हत्या कर दी. इसे संवेदनशून्यता की पराकाष्ठा ही कहेंगे कि दिनदहाड़े हुई इस नृशंसता के चश्मदीद नामर्दों की तरह हाथ बांधे रह गये.

लानत है इस मानसिकता पर

हमलावरों के हाथों में घातक हथियार नहीं, लाठियां, हाकी स्टीक और लोहे के राड लहरा रहे थे. उन्हीं सबसे हर्ष राज पर निर्मम प्रहार कर रहे थे. विरोध में दो- चार आवाजें भी उठतीं तो शायद उसकी जान बच जाती. लेकिन, हृदयहीनता देखिये, आवाज उठाने, प्रतिकार करने की बजाय लोगों ने क्रूरता का वीडियो बनाना ज्यादा जरूरी समझा. लानत है इस मानसिकता पर.


ये भी पढ़ें :

ददन पहलवान : दम नहीं अब दहाड़ में!

हेना शहाब : रह जायेगा फिर अधूरा ख्वाब!

गोड्डा : अभिषेक से आक्रांत…! चूक जायेंगे निशिकांत?

भारी कौन…एनडीए या महागठबंधन?


आइसा से जुड़ा था चंदन यादव

हर्ष राज की नृशंस हत्या के मामले में गिरफ्तार आदित्य राज उर्फ चंदन यादव बिहटा (Bihta) थाना क्षेत्र के अम्हारा (amhara) गांव का रहने वाला है. पूर्वी पटना के नगर पुलिस अधीक्षक भरत सोनी के मुताबिक चंदन यादव और मामले के अन्य चिन्ह्ति आरोपित आपराधिक छवि के हैं और पहले भी जेल जा चुके हैं. चंदन यादव भाकपा – माले (CPI-ML) के छात्र संगठन आइसा से जुड़ा था. आइसा (Aisa) की पटना विश्वविद्यालय शाखा का उपाध्यक्ष भी था. आइसा के राज्य सचिव सबीर कुमार (Sabir Kumar) और अध्यक्ष प्रीति कुमारी (Preeti Kumari) के मुताबिक हर्ष राज की हत्या के बाद उसे आइसा से बाहर कर दिया गया है.

हास्टल में रहता था

चंदन यादव मास कम्युनिकेशन (mass communication) का अंतिम वर्ष का छात्र था. उस दिन पटना विधि महाविद्यालय में वह भी परीक्षा दे रहा था. पुलिस का कहना है कि नाम बदल कर अवैध तरीके से वह जैक्सन हास्टल (Jackson Hostel) में रहा था. हर्ष राज की हत्या की साजिश हास्टल में रची गयी थी. उसमें पटेल छात्रावास (Patel Hostel) के भी कुछ छात्र शामिल थे. पटना विश्वविद्यालय के छात्रों के एक तबके का खुले तौर पर कहना है कि हत्या का एकमात्र मकसद विश्वविद्यालय में जातीय वर्चस्व स्थापित करना था. इसके अलावा कुछ नहीं.

जम नहीं पाया दांव

वैसे, ठीक चुनाव के वक्त हुई हर्ष राज की हत्या के पीछे का रहस्य यह है कि एक खास संसदीय क्षेत्र में स्वजातीय मतों की गोलबंदी के लिए ऐसा किया – कराया गया है. हत्या से हर्ष राज की जाति के लोग उबलते. प्रतिक्रिया में यादव समाज एकजुट हो जाता. दो बार से फिसल रही बाजी हाथ लग जाती. परन्तु, ऐसा कुछ नहीं हुआ. दांव जम नहीं पाया.

#tapmanlive

अपनी राय दें