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समस्तीपुर: बजेगी इस बार श्याम की मुरली!

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प्रवीण कुमार सिन्हा
12 जुलाई 2023
Samastipur : महागठबंधन (Mahagathbandhan) में समस्तीपुर संसदीय क्षेत्र पर कांग्रेस और जदयू (JDU) की प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष दावेदारी अपनी जगह है, राजद (RJD) ने इस सीट को अपने कोटे में रखने का मन करीब-करीब बना लिया है. पार्टी के सूत्रों के मुताबिक उम्मीदवार भी उसने तय कर लिया है. राजद के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व मंत्री श्याम रजक (Shyam Rajak) की क्षेत्र में अचानक बढ़ी सक्रियता से उन पर दांव खेले जाने का स्पष्ट संकेत मिल रहा है. यहां सवाल उठ सकता है कि श्याम रजक को समस्तीपुर के अखाड़े में ही क्यों, दूसरे किसी सुरक्षित क्षेत्र से क्यों नहीं उतारा जा सकता है? इस क्यों को इस रूप में सहजता से समझा जा सकता है.

जमी हैं अन्य की नजरें
बिहार (Bihar) में अनुसूचित जाति के लिए छह संसदीय क्षेत्र सुरक्षित हैं. हाजीपुर (Hajipur) पर पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम (Shivchandra Ram) की दावेदारी है. गोपालगंज (Gopalganj) और गया (Gaya) पर जदयू काबिज है. जमुई पर भूदेव चौधरी (Bhudev Chaudhary), उदयनारायण चौधरी (Udaynarayan Chaudhary) और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी (Ashok Chaudhary) की नजरें जमी हैं. वैसे, वहां के लिए श्याम रजक ने भी आस लगा रखी है. संभावना नहीं के बराबर है. सासाराम (Sasaram) कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीरा कुमार (Meera Kumar)की पुश्तैनी सीट है.पुश्तैनी सीट तो समस्तीपुर भी है, कांग्रेस (Congress) के डा. अशोक कुमार की. पर, उनकी पकड़ ढीली पर गयी है. इसी को दृष्टिगत रख राजद उस पर काबिज होने के फिराक में है.


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एक बड़ा कारण यह भी
श्याम रजक को अवसर उपलब्ध कराने का मुख्य कारण यह माना जा रहा है कि संसदीय चुनाव में धोबी समाज को उम्मीदवारी नहीं मिलने पर उन्होंने बगावत की धमकी दे रखी है. क्या होगा क्या नहीं, यह भविष्य की बात है, फिलहाल श्याम रजक की सक्रियता से डा. अशोक कुमार (Dr. Ashok Kumar) की संभावना सिकुड़ गयी-सी लगती है.
(समाप्त)

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