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पूर्वी चंपारण : सांसद की निरपेक्षता ने फैला दी है निराशा

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कफील एकबाल
25 दिसम्बर, 2021

MOTIHARI : पूर्वी चंपारण जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव (Election) में गहरी रुचि दिखा परिणाम को मनोनुकूल बना लेने वाले मोतिहारी (Motihari) के भाजपा सांसद पूर्व मंत्री राधामोहन सिंह (Radhamohan Singh) की ‘निरपेक्षता’ ने उनसे उम्मीद लगा रखे खेमे को निराशा में डूबो दिया है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधानसभा के आसन्न चुनाव की व्यस्तता को वजह बता वह फिलहाल इस बार इस चुनाव से दूर हैं. वैसे, दूर रहकर ही कोई रणनीति बना रहे हों और अंतिम क्षण में अपना पत्ता खोलने का मन बना रखे हों, तो वह अलग बात होगी.

प्रियंका जायसवाल की परेशानी
मोतिहारी के BJP विधायक गन्ना विकास मंत्री प्रमोद कुमार (Pramod Kumar) ने भी कथित रूप से मुंह मोड़ रखा है. शिवहर (Sheohar) की सांसद रमा देवी (Rama Devi) की ओर से दिखायी जा रही विशेष रुचि से ही थोड़ी बहुत उम्मीद है. जिला परिषद की निवर्तमान अध्यक्ष प्रियंका जायसवाल (Priyanka Jaiswal) को पद पर बने रहने के लिए ऐसे ही हालात से दो-चार होना पड़ रहा है. प्रियंका जायसवाल ढाका के भाजपा विधायक पवन जायसवाल की पत्नी हैं.

किसी का साथ नहीं
कारण जो रहा हो, भाजपा के इक्के-दुक्के स्थानीय नेताओं को छोड़ इस चुनाव में उन्हें किसी का खुलकर साथ मिलता नहीं दिख रहा है. सहयोगी दल JDU के नेताओं का भी नहीं. 57 सदस्यीय पूर्वी चंपारण जिला परिषद (Zila Parishad) के अध्यक्ष पद के लिए 3 जनवरी 2022 को होने वाले चुनाव में प्रियंका जायसवाल (Priyanka Jaiswal) और ममता राय (Mamta Ray) के बीच ही मुकाबला होने की प्रबल संभावना है. यह पद महिला (सामान्य) के लिए सुरक्षित है.

पिछड़ गयी थीं  3 मतों से
2016 में भी मुकाबला इन्हीं दोनों के बीच हुआ था. तीन मतों के अंतर से ममता राय पिछड़ गयी थीं. ममता राय कांग्रेस नेता ईं. शशिभूषण सिंह उर्फ गप्पू राय (Eng. Shashibhushan Ray urf Gappu Ray) की पत्नी हैं. गप्पू राय का दावा है कि 42 से अधिक जिला पार्षदों का समर्थन ममता राय को प्राप्त है. इस बार उन्हें विजयश्री हासिल होने में कोई अड़चन नजर नहीं आ रहा है.


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फैसल रहमान की सक्रियता
ममता राय की इस मुहिम की कमान गप्पू राय के अलावा राजद के पूर्व विधायक फैसल रहमान, महेश्वर सिंह, जिला राजद के अध्यक्ष सुरेश यादव, राजद के प्रदेश महासचिव इनामुल हक, पूर्वी चंपारण जिला कांग्रेस के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला आदि ने संभाल रखी है. पूर्व विधायक फैसल रहमान कुछ अधिक सक्रिय हैं. कारण कि वह भाजपा विधायक (BJP MLA) पवन जायसवाल (Pawan Jaiswal) के प्रतिद्वंद्वी हैं. इनका मुकाबला ढाका विधानसभा क्षेत्र में होता है.

कांटे का होगा मुकाबला
विश्लेषकों के मुताबिक ममता राय की मुहिम को इससे भी बल मिल रहा है कि इस बार मुस्लिम समुदाय के 15 जिला पार्षद निर्वाचित हुए हैं. ऐसा कहा जाता है कि पूर्व विधायक फैसल रहमान (Faisal Rahman) ने इन तमाम मुस्लिम जिला पार्षदों को ममता राय के पक्ष में गोलबंद कर रखा है. मोतिहारी के वरिष्ठ पत्रकार संजय ठाकुर का मानना है कि अभी भले ऐसा दिख रहा है. लेकिन, मुकाबला कांटे का होगा. हार-जीत बहुत कम मतों से होगी.

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